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Monday, 2 March 2015

Constipation-kabj

कब्ज
(Constipation)

कब्ज के कारण शरीर कई प्रकार के रोग हो जाता है वैसे कहा जाए तो यह ही किसी रोग के उत्पन्न होने का मूल कारण होता है। लेकिन प्रश्न यह उठता है कि कब्ज क्या होता हैं ? कब्ज (Constipation) का संबंध Digestive Work से है। जब शरीर की Digestive Work खराब जाता है, अर्थात् जो भोजन (Food) हम खाते हैं, वह सही ढंग से जब नहीं पचता और आंतों में रूक जाता तो इस कारण से गैस बनना, मिचली आना, पेट में दर्द रहना, शौच जाने में Time लगना और सुबह पेट साफ न होना, दिन में तीन चार Time शौच जाना, बदबूदार गैस निकलना, पेट गुडगुडा़ना और खट्टी डकारें आना आदि अनेकों समस्यां पैदा हो जाता हैं, जिससे नये-नये रोगों उत्पन्न हो जाते है। कब्ज  यानि Constipation से बचने के लिए हम आपको कुछ नुस्खे बताने जा रहे हैं- 
कब्ज रोग का उपचार:
1-  कब्ज का उपचार करने के लिए त्रिफला को 3 Grams से 5 Grams की मात्रा रात को सोते Time गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इसे कुछ कुछ दिनों तक लगातार लें। इस उपचार के साथा ही रात के समय में तांबे के बर्तन में पानी रख लें और सुबह इसे पी लें। फिर इसके 15 मिनट बाद शौच करने जायें। ऐसा करने से पेट साफ हो जायेगा। यदि इस प्रकार से रोज जब आप अपना उपचार करते हैं तो आपको इस रोग से छुटकार हो जायेगा।
2- कब्ज के उपचार के लिए Daily कम से कम 2 या 3 हरड़ अवश्य चूसें। लगातार जब आप कुछ दिनों तक अपना उपचार इस  प्रकार से करते हैं तो कब्ज (Constipation) की समस्यां दूर  हो जाती है।
3-  त्रिफला 25 Grams, सौंफ25 Grams, सोंठ 5 Grams, बादाम 50 Grams, मिश्री 20 Grams लें और गुलाब के  फूल 50 Grams भी लें। सभी को कूट तथा पीसकर एक शीशी में भर लें। रात में सोते Time 5 से 7 Grams तक दूध या शहद के साथ लें। इस प्रकार से रोजाना उपचार करने से कब्ज ठीक हो जाता है।
कब्ज रोग में परहेज:
जिन्हें कब्ज अथार्त Constipation की Problem हो, वे लोग ध्यान दें कि कभी भी गरिष्ठ भोजन, तली चीजें तथा उरद आदि का सेवन न करें। गेहूं को ज्यादा बरीक न पिसायें और चोकर न निकालें। भोजन पकाने के लिए ऐसे ही आटे का उपयोग करें। Daily थोड़ा मेहनत और योग करें। पानी ज्यादा पियें। इस प्रकार रोज उपचार करें। 

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